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श्रीमद्भगवद्गीता

18 अध्याय || 701 श्लोक

  • भगवद् गीता सर्वोच्च हिंदू ग्रंथ है।
  • इसे अक्सर 'ईश्वर का गीत' कहा जाता है।
  • यह महाकाव्य 'महाभारत' का एक अंश है।
  • महाभारत के भीष्म पर्व के अध्याय 23-40 में इसका वर्णन मिलता है।
  • भगवद् गीता में 700 से अधिक श्लोक हैं।
  • भगवद् गीता की घटना युद्ध शुरू होने से ठीक पहले कुरुक्षेत्र के युद्धक्षेत्र में घटित हुई थी।
  • गीता पांडव राजकुमार अर्जुन और उनके मार्गदर्शक एवं सारथी भगवान श्रीकृष्ण के बीच हुई बातचीत है।
  • पांडवों और कौरवों के बीच युद्ध की शुरुआत में, अर्जुन ने कुरुक्षेत्र में दोनों पक्षों की सेनाओं को देखा।
  • दोनों पक्षों में उनके पिता, दादा, गुरु, मामा, भाई, पुत्र, पौत्र, मित्र, ससुर और शुभचिंतक शामिल थे।
  • यह देखकर अर्जुन असमंजस में पड़ गए कि उन्हें युद्ध में शामिल होना चाहिए या नहीं।
  • वे अत्यधिक दुःख से व्याकुल हो गए।
  • उनके मन में यह विचार आया, 'क्या राज्य और सुख की प्राप्ति के लिए अपने ही स्वजनों की हत्या करना नैतिक है?' उन्होंने ये प्रश्न भगवान श्रीकृष्ण के समक्ष उठाए।
  • इसके अलावा, उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण से कहा कि वे दैवीय और पाप कर्मों सहित जीवन की इन और भी कई दुविधाओं का हवाला देते हुए युद्ध में शामिल नहीं होंगे।
  • इसलिए, उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण की सलाह ली।
  • युद्ध की रूपरेखा, अर्जुन के प्रश्न, भगवान श्रीकृष्ण के उत्तर और वर्णन, संपूर्ण भगवद्गीता का निर्माण करते हैं।