छिन्नू और मिन्नू नाम के दो बच्चे, अपने माता-पिता के बीच झगड़ा देखकर चिंतित थे। उन्होंने पूछा कि उनके दादा-दादी के समय में वे कैसे एकजुट रहते थे। दादा ने एक दिन कहा, 'हम हमेशा एक साथ बैठकर खाना खाते थे, इसलिए हमारा मन एक था।'
उस सप्ताहांत, परिवार ने सभी एक साथ बैठकर खाना खाने का निर्णय लिया। उस समय, दादा ने अपने पूर्वजों की कहानियाँ साझा कीं। उन कहानियों ने बच्चों को उनके पारिवारिक परंपराओं पर गर्व महसूस कराया।
उस दिन, छिन्नू और मिन्नू ने अपने माता-पिता से कहा, 'हमें एकजुट रहना चाहिए।' उस सप्ताहांत, वे सभी एक साथ बैठे, अपने पूर्वजों की महिमा को याद करते हुए, एक छोटी सी दीप जलाए।