कृष्णा एक उत्साही लड़का है। उसे मोबाइल फोन, टीवी, और वीडियो गेम्स में बहुत रुचि है। वह हर दिन स्कूल के बाद सीधे घर आता है और अपने मोबाइल फोन को लेकर खेलने लगता है। उसकी माँ, लता, इसे देखती है और उसे चेतावनी देने की कोशिश करती है।
"कृष्णा, तुम इतनी देर से मोबाइल फोन पर हो। यह तुम्हारी आँखों और मानसिकता के लिए अच्छा नहीं है," लता ने कहा। लेकिन कृष्णा ने उसकी बातों को नजरअंदाज कर दिया और अपने खेल में डूब गया।
एक दिन, जब कृष्णा अपने दोस्तों के साथ खेल रहा था, वह अचानक ध्यान भंग होने के कारण गिर गया। उसके दोस्तों ने उसे मदद से उठाया। इस अनुभव ने लता को एक जागरूकता दी। उसने कृष्णा से सीधे मिलकर उसके मोबाइल की आदत को कम करने की कोशिश की।
"कृष्णा, तुम्हें अपने दोस्तों के साथ सीधे खेलना चाहिए। मोबाइल फोन तुम्हारी जिंदगी को पूरी तरह से नहीं भरना चाहिए," उसने उसे प्यार से समझाया। कृष्णा ने अपनी माँ की बातों को समझा और मोबाइल फोन को कम करके सीधे खेलने लगा।