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14. प्रकृति के गुण
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14. प्रकृति के गुण
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🕉️ प्रस्तावना
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यह अध्याय प्रकृति के तीन गुणों, उन तीन गुणों के परिणामों और उन लोगों के लक्षणों के बारे में बताता है जो उन तीन गुणों से परे हैं।
भगवान श्री कृष्ण बताते हैं कि प्रकृति के तीन गुण हैं।
वे तीन गुण हैं: सद्गुण [सत्त्व], राग [राजस] और अज्ञान [तमस]।
इसके आगे, भगवान श्री कृष्ण कहते हैं कि ये तीन गुण आत्मा को शरीर के साथ बांधते हैं।
वह उन तीन गुणों के परिणामों के बारे में व्यक्तिगत रूप से और संयोजन में समझाते हैं।
अर्जुन की प्रार्थना के अनुसार, भगवान श्री कृष्ण अंत में उन लोगों के लक्षणों के बारे में बताते हैं जो उन तीन गुणों से परे हैं।
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