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श्लोक : 6 / 27

भगवान श्री कृष्ण
भगवान श्री कृष्ण
पावमात्रवाने, अवत्तिल, थूयमयाण गुणम एन्बदाल, नन्मै [सत्त्व] गुणम नल्ल आरोग्यतोडन ओळिरुम; इथु आत्मावै इनपत्तुडनुम ज्ञानत्तुडनुम पिणैक्किरदु.
🌟 तुम्हारे जीवन में सत्व गुण कैसे चमकता है?
कृष्ण सत्व गुण की पवित्रता और आनंद को समझाते हैं। आज के जीवन में, मन की शांति और बुद्धिमत्ता आवश्यक हैं।
  • 💡 सत्व गुण — सत्व तुम्हारे मन को शांति प्रदान करता है।
💭 तुम्हारे जीवन में सत्व गुण किस प्रकार प्रकट होता है?
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भगवद गीता की व्याख्याएँ AI द्वारा जनित हैं; उनमें त्रुटियाँ हो सकती हैं।