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श्लोक : 4 / 27

भगवान श्री कृष्ण
भगवान श्री कृष्ण
कुंठी के पुत्र, प्रकट होने वाले सभी रूपों का आधार पूर्ण दिव्यता है; सभी रूपों का मैं आधार हूँ; मैं बीज बोने वाला पिता हूँ।
🌱 परमात्मा के आधार में, तुम्हारा जीवन कहाँ स्थित है?
कृष्ण द्वारा कही गई इस भावना में दिव्य आधार प्रकट होता है। तुम्हारे जीवन की नींव उसी में है।
  • 🌍 विश्व का आधार — सभी जीव एक ही आधार से आते हैं।
💭 तुम्हारे जीवन का मूल आधार क्या है, इसे कैसे महसूस करते हो?
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भगवद गीता की व्याख्याएँ AI द्वारा जनित हैं; उनमें त्रुटियाँ हो सकती हैं।