भरत कुलत्थवने, ऐसा नहीं है तो, बड़ी आसक्ति [राजस], अज्ञानता [तमस] और गुण [सत्त्व] इन तीनों से ऊँचा है; या, बड़ी आसक्ति [राजस] और अज्ञानता [तमस] इन दोनों से गुण [सत्त्व] ऊँचा है; इसी प्रकार, अज्ञानता [तमस], गुण [सत्त्व] और बड़ी आसक्ति [राजस] इन तीनों से ऊँचा है।
भगवान श्री कृष्ण
🎭 तुम्हारे मन में तीन गुण कब हावी होते हैं?
कुरुक्षेत्र में कृष्ण मन के तीन गुणों की व्याख्या करते हैं। आज भी, वे तुम्हारे मन की स्थिति को बदलते हैं।
- मन की शांति — सत्व गुण तुम्हारे मन को शांत करेगा।
💭 तुम्हारे मन में अभी कौन सा गुण हावी है?
✨ Premium में पूरा दृश्य
ज्योतिष मैपिंग + 4 व्याख्याएँ + गहन मार्गदर्शन।
यह श्लोक आपको 'अभी' क्यों छू गया? कारण यहाँ है।
🔓 लॉगिन करके खोलें
भगवद गीता की व्याख्याएँ AI द्वारा जनित हैं; उनमें त्रुटियाँ हो सकती हैं।