कुंठी के पुत्र, संबंधों के अनुभव से उत्पन्न होने वाली खुशी निश्चित रूप से दुख का कारण होती है; वह खुशी प्रारंभ और अंत दोनों रखती है; ज्ञानी लोग उसमें आनंदित नहीं होते हैं।
भगवान श्री कृष्ण
🌿 कृष्ण द्वारा कहा गया सुख, तुम्हारी मन की शांति की छाया
कृष्ण यहाँ सुख की अस्थायी प्रकृति की बात कर रहे हैं। सुख दुख का कारण बन सकता है। दीर्घकालिक खुशी अस्थायी सुखों में नहीं है।
- अस्थायी सुख — सुख अस्थायी रूप से ही मन को खुश करता है।
💭 तुम्हारे जीवन में कौन से सुख अस्थायी हैं?
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भगवद गीता की व्याख्याएँ AI द्वारा जनित हैं; उनमें त्रुटियाँ हो सकती हैं।