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श्लोक : 23 / 29

भगवान श्री कृष्ण
भगवान श्री कृष्ण
इस संसार से शरीर को छोड़ने से पहले, मानसिक अशांति से उत्पन्न होने वाले क्रोध को सहन करने वाला व्यक्ति निश्चित रूप से एक आनंदमय योगी है।
🔥 अपने क्रोध को जीत लिया, तो आनंद कहाँ?
कृष्ण कहते हैं कि क्रोध पर विजय में शांति है। यह हमारे जीवन के तनावों को संभालने के लिए आवश्यक है।
  • 😡 क्रोध की विजय — क्रोध तुम्हारी मानसिक शांति को भंग करता है।
💭 अपने क्रोध को संभालने के लिए क्या कर सकते हो?
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भगवद गीता की व्याख्याएँ AI द्वारा जनित हैं; उनमें त्रुटियाँ हो सकती हैं।