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श्लोक : 6 / 55

भगवान श्री कृष्ण
भगवान श्री कृष्ण
भरत कुल में श्रेष्ठतम, अदिती के पुत्र, वसु, रुद्र के पुत्र, जुड़वां अश्विन देवता, मारूत का पुत्र और इससे पहले देखे गए कई अद्भुत व्यक्तियों को देखो।
👁️ कृष्ण का विश्वरूप, अपने मन की सीमाओं का विस्तार करो
कृष्ण अर्जुन को अपना विश्वरूप दिखाते हैं। यह उनके मन को विस्तारित करने वाला अनुभव है।
  • 🌌 अद्भुत — दुनिया तुम्हारी आँखों में नई लगेगी।
💭 क्या तुम्हारा मन नए अनुभवों को स्वीकारने के लिए तैयार है?
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भगवद गीता की व्याख्याएँ AI द्वारा जनित हैं; उनमें त्रुटियाँ हो सकती हैं।