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श्लोक : 5 / 55

भगवान श्री कृष्ण
भगवान श्री कृष्ण
हे पार्थ के पुत्र, मेरे अनगिनत रूपों को देखो, जो विभिन्न प्रकार के दिव्य और कई रंगों के रूप हैं।
🌈 कृष्ण अर्जुन को दिव्य रूप दिखाते हैं
कृष्ण अर्जुन को दिव्य रूप दिखाते हैं। यह जीवन के कई आयामों को महसूस कराता है।
  • 👁️ छिपी सुंदरता — दुनिया की छिपी सुंदरता को देखना मन को खोलता है।
💭 तुम अपने जीवन में दिव्यता के कौन से रूप देखते हो?
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भगवद गीता की व्याख्याएँ AI द्वारा जनित हैं; उनमें त्रुटियाँ हो सकती हैं।