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ज्कुंडली.ai

श्लोक : 26 / 34

भगवान श्री कृष्ण
भगवान श्री कृष्ण
जो कोई मुझे पत्ते, फूल, फल, और पानी भक्ति के साथ अर्पित करता है, मैं उस भक्ति से युक्त मन की भक्ति को स्वीकार करता हूँ।
🌿 कृष्ण कहते हैं, तुम्हारी सच्ची भक्ति कहाँ है?
कृष्ण भक्ति की गहराई की बात करते हैं। सरल चीजें भी सच्ची भक्ति के साथ सराही जाती हैं।
  • 🍃 सच्ची भक्ति — सच्ची भावना हमेशा सराही जाती है।
💭 क्या तुमने सोचा है कि तुम्हारा प्रेम कितना सच्चा है?
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भगवद गीता की व्याख्याएँ AI द्वारा जनित हैं; उनमें त्रुटियाँ हो सकती हैं।