ब्रह्मा का दिन हजार युगों को समाहित करता है, हजार युगों के अंत में ब्रह्मा की रात आती है; जो लोग इसे जानते हैं, वे दिन और रात के क्रम को समझेंगे।
भगवान श्री कृष्ण
🔄 दुनिया के चक्र में, तुम्हारा मन कहाँ खड़ा है?
ब्रह्मा का दिन और रात बहुत लंबा है। यह जीवन के चक्र और स्थायित्व को दर्शाता है।
- समय की स्थायित्व — समय की स्थायित्व मन की शांति की खोज करती है।
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भगवद गीता की व्याख्याएँ AI द्वारा जनित हैं; उनमें त्रुटियाँ हो सकती हैं।