पार्थ के पुत्र, इस दिव्य स्थिति को प्राप्त करने के बाद, एक व्यक्ति कभी भी विचलित नहीं होता; इस स्थिति को प्राप्त करने के कारण, वह व्यक्ति मृत्यु के समय भी नित्य निर्वाण की शुद्ध मानसिक स्थिति को प्राप्त करता है।
भगवान श्री कृष्ण
🧘 कुरुक्षेत्र के किनारे, तुम्हारी मन की शांति कहाँ है?
कुरुक्षेत्र में भगवान कृष्ण अर्जुन से कहते हैं। मन की शांति से कोई चिंता नहीं होती। मृत्यु में भी निर्वाण की स्थिति प्राप्त होती है।
- मन की शांति — मन की शांति तुम्हारे भीतर स्पष्टता लाती है।
💭 तुम्हारे जीवन में कब तुम्हारे मन ने पूर्ण शांति का अनुभव किया?
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भगवद गीता की व्याख्याएँ AI द्वारा जनित हैं; उनमें त्रुटियाँ हो सकती हैं।