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श्लोक : 71 / 72

भगवान श्री कृष्ण
भगवान श्री कृष्ण
सभी इच्छाओं को छोड़ने वाला मनुष्य; बिना इच्छाओं के जीने वाला मनुष्य; किसी भी बंधन या संबंध से मुक्त मनुष्य; अहंकार से मुक्त मनुष्य; ऐसा मनुष्य निश्चित रूप से शांति प्राप्त करता है।
🌿 इच्छाओं की पकड़ में, तुम्हारी मन की शांति कहाँ?
यहाँ बताई गई मुख्य भावना इच्छा है। मन की शांति पाने के लिए इच्छाओं को छोड़ना आवश्यक है।
  • 🌀 इच्छा की पकड़ — इच्छाएँ मन की शांति को बाधित करती हैं।
💭 तुम्हारी मन की शांति को बाधित करने वाली इच्छाएँ क्या हैं?
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भगवद गीता की व्याख्याएँ AI द्वारा जनित हैं; उनमें त्रुटियाँ हो सकती हैं।