No Ads
Language
ज्कुंडली.ai

श्लोक : 23 / 78

भगवान श्री कृष्ण
भगवान श्री कृष्ण
नियोजित कार्य के अनुसार किया जाने वाला कार्य; बंधन से मुक्त करने वाला कार्य; प्रेम या घृणा के बिना किया जाने वाला कार्य; और, किसी भी फलदायक परिणाम के लिए किया जाने वाला कार्य नहीं; ऐसे कार्यों को गुण [सत्व] के साथ किया गया माना जाता है।
🕊️ कुरुक्षेत्र के किनारे, तुम्हारे कार्यों में लगाव कहाँ है?
कुरुक्षेत्र में, कर्तव्य को बिना लगाव के करने का महत्व। आज भी कई लोग कार्यों को बिना फल के करने में हिचकिचाते हैं।
  • ⚖️ कार्य की स्वतंत्रता — लगाव रहित कार्य मन की शांति देता है।
💭 क्या तुम अपने कार्यों को बिना फल की अपेक्षा के कर सकते हो?
✨ Premium में पूरा दृश्य
ज्योतिष मैपिंग + 4 व्याख्याएँ + गहन मार्गदर्शन।
यह श्लोक आपको 'अभी' क्यों छू गया? कारण यहाँ है।
🔓 लॉगिन करके खोलें
भगवद गीता की व्याख्याएँ AI द्वारा जनित हैं; उनमें त्रुटियाँ हो सकती हैं।