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श्लोक : 27 / 28

भगवान श्री कृष्ण
भगवान श्री कृष्ण
और, पूजा, तप और दान करते समय, 'सत' शब्द का उच्चारण किया जाता है; और, इस प्रकार की किसी भी क्रिया को व्यक्त करने वाली कोई भी क्रिया निश्चित रूप से 'सत' शब्द को संदर्भित करती है।
🕉️ 'सत' नामक पवित्रता आपके कार्यों में कहाँ है?
कृष्ण 'सत' शब्द की पवित्रता को स्पष्ट करते हैं। आपके कार्यों में ईमानदारी और सत्य महत्वपूर्ण हैं। यह आपके जीवन को ऊँचा उठाएगा।
  • 🧘 ईमानदारी — ईमानदारी आपके मन को शांत करेगी।
💭 आपकी दैनिक गतिविधियों में 'सत' भावना कैसे प्रकट होती है?
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भगवद गीता की व्याख्याएँ AI द्वारा जनित हैं; उनमें त्रुटियाँ हो सकती हैं।