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श्लोक : 28 / 28

भगवान श्री कृष्ण
भगवान श्री कृष्ण
पार्थ के पुत्र, बिना विश्वास के की जाने वाली पूजा, तप और दान जैसे कार्य, बुरे माने जाते हैं; वे कार्य, इस दुनिया में और अगले संसार में भी असत्य होते हैं।
🔥 विश्वास के बिना किए गए कार्य — क्या वे आपके जीवन में बेकार हैं?
पार्थ के पुत्र, यहाँ विश्वास के महत्व की बात की जा रही है। कृष्ण कहते हैं कि विश्वास के बिना किए गए कार्य बेकार होते हैं।
  • 💭 विश्वास की शक्ति — विश्वास के बिना कार्य सफल नहीं होते।
💭 आपके कार्यों में विश्वास कितना महत्वपूर्ण है?
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भगवद गीता की व्याख्याएँ AI द्वारा जनित हैं; उनमें त्रुटियाँ हो सकती हैं।