आत्मा शरीर को छोड़कर बाहर निकलती है, या जब यह शरीर में रहती है, या जब यह शरीर का उपयोग करती है, तब भी, अज्ञानी मूर्ख कभी इसे नहीं समझता; इसे केवल आंतरिक आँखों से ही समझा जा सकता है।
भगवान श्री कृष्ण
🌀 शरीर का मोह, आत्मा की भावना को छुपाता है?
कुरुक्षेत्र में आत्मा की भावना के बारे में बात की जाती है। हमें शरीर से जुड़ी भावनाओं से परे, आध्यात्मिक भावना को महसूस करना चाहिए।
- अंतर्दृष्टि — अंतर्दृष्टि आत्मा की भावना को प्रकट करती है।
💭 तुम्हारे शरीर का मोह आत्मा की भावना को कैसे छुपाता है?
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भगवद गीता की व्याख्याएँ AI द्वारा जनित हैं; उनमें त्रुटियाँ हो सकती हैं।