यह मन (नए शरीर में) कान, आंख, जीभ, नाक और स्पर्श जैसे सभी सूक्ष्म सुखों की संवेदनाओं का प्रबंधन करता है; इसके अलावा, यह मन उन सूक्ष्म सुखों का उपयोग भी करता है।
भगवान श्री कृष्ण
🧠 भावनाओं का शासन, तुम्हारे मन की गुलामी कहाँ?
कुरुक्षेत्र में, मन भावनाओं को प्रबंधित करता है। तुम्हारे जीवन में, मन तुम्हारे कार्यों का मार्गदर्शन करता है।
- कानों की भावना — भावनाएँ मन को प्रभावित करती हैं।
💭 तुम्हारा मन किन भावनाओं से अधिक प्रभावित होता है?
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भगवद गीता की व्याख्याएँ AI द्वारा जनित हैं; उनमें त्रुटियाँ हो सकती हैं।