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श्लोक : 33 / 35

भगवान श्री कृष्ण
भगवान श्री कृष्ण
हालाँकि सूक्ष्म आकाश सभी स्थानों में फैला हुआ है; यह किसी के साथ भी मिश्रित नहीं होता; इसी प्रकार, आत्मा शरीर के सभी स्थानों में है, लेकिन यह शरीर के साथ मिश्रित नहीं होती।
☁️ शरीर के हर हिस्से में आत्मा की शांति
कुरुक्षेत्र में कृष्ण आत्मा के स्वभाव को समझाते हैं। शरीर बदलता है, लेकिन आत्मा स्थिर रहती है। यह हमें शांति और पूर्णता प्रदान करता है।
  • 🌀 सच्चा स्व — शरीर बदलता है, लेकिन आत्मा स्थिर रहती है।
💭 आप अपने सच्चे स्व को कैसे महसूस करते हैं?
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भगवद गीता की व्याख्याएँ AI द्वारा जनित हैं; उनमें त्रुटियाँ हो सकती हैं।