No Ads
Language
ज्कुंडली.ai

श्लोक : 32 / 35

भगवान श्री कृष्ण
भगवान श्री कृष्ण
कुंठी के पुत्र, परमात्मा का कोई आरंभ नहीं है, उसके गुण भी नहीं हैं; यह परमात्मा शरीर में रहने पर भी, वह कुछ नहीं करता, वह किसी से भी बंधा नहीं है।
🌀 परमात्मा की शांति, तुम्हारे मानसिक तनाव को कम करेगी
परमात्मा का कोई आरंभ नहीं है, वह किसी परिवर्तन के अधीन नहीं है। यह तुम्हारे जीवन में शांति लाएगा।
  • 🌿 शांति का सत्य — शांति हमेशा तुम्हारे भीतर है।
💭 तुम्हारे जीवन में कौन से बंधन तुम्हें नियंत्रित करते हैं?
✨ Premium में पूरा दृश्य
ज्योतिष मैपिंग + 4 व्याख्याएँ + गहन मार्गदर्शन।
यह श्लोक आपको 'अभी' क्यों छू गया? कारण यहाँ है।
🔓 लॉगिन करके खोलें
भगवद गीता की व्याख्याएँ AI द्वारा जनित हैं; उनमें त्रुटियाँ हो सकती हैं।