जो प्रकट नहीं किया गया है, वह नष्ट नहीं होता, इसे ब्रह्म स्थिति कहा जाता है; जो मेरी उस उच्च निवास को प्राप्त करता है, वह लौटता नहीं है।
भगवान श्री कृष्ण
🌌 उच्च ब्रह्म स्थिति, तुम्हारे मन की शांति का ठिकाना
यहाँ बताई गई मुख्य भावना, अविनाशी स्थिति। तुम्हारा मन इसे पाने की कोशिश कर रहा है।
- मन की शांति — अविनाशी स्थिति तुम्हारे भीतर को भर देगी।
💭 आज के दबाव में तुम्हारा मन कैसे शांति खोजता है?
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भगवद गीता की व्याख्याएँ AI द्वारा जनित हैं; उनमें त्रुटियाँ हो सकती हैं।