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श्लोक : 11 / 30

भगवान श्री कृष्ण
भगवान श्री कृष्ण
भारत कुल में श्रेष्ठतम, मैं शक्तिशाली लोगों की शक्ति हूँ; और, मैं इच्छाओं और प्रेम से रहित हूँ; कर्तव्य के अनुसार सभी जीवों की इच्छाएँ मैं हूँ।
💪 क्या तुमने अपनी शक्ति का स्रोत पहचाना, कृष्ण कहते हैं?
कृष्ण खुद को शक्ति का आधार बताते हैं। तुम्हारे जीवन में शक्ति कहाँ से आती है?
  • 🔍 आंतरिक खोज — आंतरिक इच्छाएँ कहाँ से जन्म लेती हैं।
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भगवद गीता की व्याख्याएँ AI द्वारा जनित हैं; उनमें त्रुटियाँ हो सकती हैं।