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श्लोक : 10 / 30

भगवान श्री कृष्ण
भगवान श्री कृष्ण
हे पार्थ के पुत्र, सभी जीवों के लिए मैं शाश्वत बीज हूँ; मैं ज्ञानी का बुद्धि; मैं शक्तिशाली योद्धा की वीरता।
🌱 जीवन की जड़ के रूप में कृष्ण, तुम्हारे भीतर ज्ञान कहाँ है?
अर्जुन से कृष्ण द्वारा कही गई यह सत्य। तुम्हारे ज्ञान और शक्ति का स्रोत वही हैं। अपने जीवन के मूल सत्य को पहचानो।
  • 🧠 ज्ञान की जड़ें — ज्ञान तुम्हारे भीतर की गहराई में छिपा है।
💭 तुम अपने ज्ञान और शक्ति के स्रोत को कैसे पहचानते हो?
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भगवद गीता की व्याख्याएँ AI द्वारा जनित हैं; उनमें त्रुटियाँ हो सकती हैं।