योगी इंद्रियों, मन और बुद्धि को नियंत्रित करके इच्छाओं, भय और क्रोध से पूरी तरह मुक्त हो जाता है; वास्तव में, वह व्यक्ति हमेशा मुक्त होता है।
भगवान श्री कृष्ण
🧘 तेरा मन, इंद्रियों को नियंत्रित करने वाले योगी की शांति
कृष्ण योगी की मन की शांति का वर्णन करते हैं। इच्छा, भय, क्रोध के बिना जीना महत्वपूर्ण है।
- क्रोध की छाया — क्रोध तेरी मन की शांति को भंग करता है।
💭 तेरी मन की शांति को भंग करने वाली भावना कौन सी है?
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भगवद गीता की व्याख्याएँ AI द्वारा जनित हैं; उनमें त्रुटियाँ हो सकती हैं।