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श्लोक : 27 / 42

भगवान श्री कृष्ण
भगवान श्री कृष्ण
ज्ञान के द्वारा प्रकट होने के कारण, कुछ अन्य लोग शरीर के सभी इंद्रियों के कार्यों और श्वास के अनुभव के कार्यों में अपने मन और आत्मा को नियंत्रित करके समर्पण की अग्नि प्रदान करते हैं।
🔥 कृष्ण कहते हैं इंद्रिय संयम, तुम्हारी मन की शांति कहाँ?
कृष्ण इंद्रिय संयम के माध्यम से मन की शांति प्राप्त करने को कहते हैं। यह आज की दुनिया में काम और तनाव को कम करने में मदद करेगा।
  • 🧘 मन की शांति — इंद्रिय संयम मन की शांति लाता है।
💭 तुम्हारे इंद्रियों को संयमित करने में आज क्या चुनौतियाँ हैं?
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भगवद गीता की व्याख्याएँ AI द्वारा जनित हैं; उनमें त्रुटियाँ हो सकती हैं।