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श्लोक : 26 / 42

भगवान श्री कृष्ण
भगवान श्री कृष्ण
कुछ लोग अपनी श्रवण शक्ति और ध्वनि कंपन की संवेदनाओं को दबाकर समर्पण की अग्नि प्रदान करते हैं; अन्य लोग अपने शारीरिक अंगों से निकलने वाली संवेदनाओं के माध्यम से समर्पण की अग्नि प्रदान करते हैं।
🔥 कुरुक्षेत्र के किनारे, तुम्हारा संयम कहाँ है?
कुरुक्षेत्र में, संयम पर कृष्ण के शब्द। आज की दुनिया में, मन की शांति के लिए संयम आवश्यक है।
  • 👂 कानों का संयम — ध्वनि असुविधा को नियंत्रित करना आंतरिक शांति लाता है।
💭 तुम्हारी जिंदगी में कौन सा संयम तुम्हें सबसे ज्यादा चुनौती देता है?
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भगवद गीता की व्याख्याएँ AI द्वारा जनित हैं; उनमें त्रुटियाँ हो सकती हैं।