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श्लोक : 16 / 72

भगवान श्री कृष्ण
भगवान श्री कृष्ण
जो नहीं है, उनका कोई निरंतरता नहीं है; जो है, उसका कोई स्थायी नहीं है; लेकिन, सत्य को देखने वाला निश्चित रूप से इन दोनों का अंत समझेगा।
🔍 कृष्ण का सत्य: अस्थायी या शाश्वत?
कृष्ण का यह विचार स्थायीता को स्पष्ट करता है। अस्थायी चीजों के पीछे भागना मन की शांति को भंग करता है।
  • 💭 अस्थायी इच्छाएँ — अस्थायी इच्छाएँ मन को भ्रमित करती हैं।
💭 तुम्हारी जिंदगी में कौन सी अस्थायी इच्छाएँ तुम्हें आकर्षित करती हैं?
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भगवद गीता की व्याख्याएँ AI द्वारा जनित हैं; उनमें त्रुटियाँ हो सकती हैं।