No Ads
Language
ज्कुंडली.ai

श्लोक : 8 / 78

भगवान श्री कृष्ण
भगवान श्री कृष्ण
शरीर में मन की चिंता उत्पन्न करने वाले भय के कारण कार्यों को करने से रोकने के द्वारा प्राप्त किया गया त्याग, राजस गुण के साथ है; ऐसा त्याग कभी भी फल नहीं देगा।
🔥 कृष्ण कहते हैं भय — तुम्हारा त्याग कहाँ है?
कृष्ण यहाँ भय के त्याग को स्पष्ट करते हैं। भय तुम्हारे कार्यों को रोकता है।
  • 😟 भय का प्रभाव — भय कार्यों को रोकता है।
💭 तुम्हारा भय तुम्हारे निर्णयों को कैसे प्रभावित करता है?
✨ Premium में पूरा दृश्य
ज्योतिष मैपिंग + 4 व्याख्याएँ + गहन मार्गदर्शन।
यह श्लोक आपको 'अभी' क्यों छू गया? कारण यहाँ है।
🔓 लॉगिन करके खोलें
भगवद गीता की व्याख्याएँ AI द्वारा जनित हैं; उनमें त्रुटियाँ हो सकती हैं।