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श्लोक : 32 / 78

भगवान श्री कृष्ण
भगवान श्री कृष्ण
पार्थ के पुत्र, अधर्म के मार्ग को धर्म का मार्ग समझने वाली बुद्धि; अज्ञानता के कारण मूढ़ता से, सभी को गलत रास्तों पर ले जाने वाली बुद्धि; ऐसी बुद्धि अज्ञानता [तमस] गुण की होती है।
🌀 कृष्ण कहते हैं अज्ञान — तुम्हारे निर्णय कहाँ जा रहे हैं?
कृष्ण यहाँ अज्ञान के परिणाम बताते हैं। यह हमारे निर्णयों को गलत दिशा में ले जाता है। स्पष्टता के बिना जीवन उलझन भरा हो जाता है।
  • 🔍 अज्ञान की छाया — अज्ञान तुम्हारे मन को भ्रमित करता है।
💭 तुम्हारे निर्णय कितने स्पष्ट हैं?
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भगवद गीता की व्याख्याएँ AI द्वारा जनित हैं; उनमें त्रुटियाँ हो सकती हैं।