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श्लोक : 30 / 78

भगवान श्री कृष्ण
भगवान श्री कृष्ण
पार्थ के पुत्र, योग्य कार्य और अयोग्य कार्य, भय और निर्भयता, और, बंधन और बंधनमुक्ति; इन सबको समझने वाला बुद्धिमान व्यक्ति गुण [सत्व] के लिए योग्य है।
🧠 कुरुक्षेत्र में, तुम्हारा सद्गुण कहाँ है?
कुरुक्षेत्र में, भगवान कृष्ण सद्गुण को स्पष्ट करते हैं। यह हमारे जीवन में सही निर्णय लेने में मदद करता है।
  • 🌟 सद्गुण — सद्गुण मन की स्पष्टता को बनाता है।
💭 तुम्हारे मन में स्पष्टता कैसे बनती है?
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भगवद गीता की व्याख्याएँ AI द्वारा जनित हैं; उनमें त्रुटियाँ हो सकती हैं।