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श्लोक : 26 / 78

भगवान श्री कृष्ण
भगवान श्री कृष्ण
जो व्यक्ति दुनिया के बंधनों से मुक्त होकर कार्य करता है; बंधन रहित होकर कार्य करता है; साहस और उत्साह के साथ कार्य करता है; शांति को समर्पित होकर कार्य करता है; और, विजय और पराजय दोनों में समान रूप से रहता है; ऐसा कार्य करने वाला व्यक्ति, गुण [सत्व] के साथ होने के रूप में कहा जाता है।
🌿 कृष्ण द्वारा कही गई सद्गुण — तुम्हारी मन की शांति कहाँ है?
कृष्ण द्वारा कही गई सद्गुण, निर्लिप्त कार्य। आज के तनावों में मन की शांति आवश्यक।
  • ⚖️ संतुलित मन — जीत और हार को समान रूप से देखने वाला मन।
💭 तुम्हारे कार्यों में निर्लिप्त संतुलन कहाँ है?
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भगवद गीता की व्याख्याएँ AI द्वारा जनित हैं; उनमें त्रुटियाँ हो सकती हैं।