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श्लोक : 17 / 78

भगवान श्री कृष्ण
भगवान श्री कृष्ण
जो व्यक्ति बुद्धि से मुक्त होकर अहंकार रहित रहता है, वह मानवता को मारने पर भी वास्तव में किसी को नहीं मारता, और न ही उससे बंधता है।
🌀 अहंकार के बिना, तुम्हारे कार्य स्वतंत्र होंगे
कृष्ण द्वारा बताई गई अहंकार रहित स्थिति। तुम्हारे कार्य बंधनों से मुक्त होंगे।
  • 🧘 अहंकार रहित स्थिति — अहंकार के बिना कार्य करने पर मन स्वतंत्र होता है।
💭 तुम्हारे कार्यों में अहंकार कैसे प्रकट होता है?
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भगवद गीता की व्याख्याएँ AI द्वारा जनित हैं; उनमें त्रुटियाँ हो सकती हैं।