No Ads
Language
ज्कुंडली.ai

श्लोक : 11 / 28

भगवान श्री कृष्ण
भगवान श्री कृष्ण
भरत कुल में श्रेष्ठ व्यक्ति, पुरस्कारों की परवाह न करने वाला, जिस प्रकार पूजा करनी चाहिए, उसी प्रकार पूजा करता है; इसलिए, उसका मन गुणों [सत्त्व] से युक्त है।
🧘 पुरस्कारों की अपेक्षा किए बिना, तुम्हारा मन कहाँ जा रहा है?
कृष्ण अर्जुन से सच्ची भक्ति की बात करते हैं। बिना पुरस्कारों की अपेक्षा के पूजा करने की मानसिकता लाभकारी होती है।
  • 🌿 सच्ची भक्ति — भक्ति पुरस्कारों की अपेक्षा के बिना होती है।
💭 तुम्हारे कार्यों में कितना निःस्वार्थ भाव है?
✨ Premium में पूरा दृश्य
ज्योतिष मैपिंग + 4 व्याख्याएँ + गहन मार्गदर्शन।
यह श्लोक आपको 'अभी' क्यों छू गया? कारण यहाँ है।
🔓 लॉगिन करके खोलें
भगवद गीता की व्याख्याएँ AI द्वारा जनित हैं; उनमें त्रुटियाँ हो सकती हैं।