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श्लोक : 16 / 20

भगवान श्री कृष्ण
भगवान श्री कृष्ण
इस संसार में नष्ट होने वाली और नष्ट न होने वाली दो रूप हैं; सभी जीवों का कहा जाता है कि वे नष्ट हो जाएंगे; जबकि जो नष्ट नहीं होता, उसे हमेशा नष्ट न होने वाला कहा जाता है।
🌿 दुनिया का परिवर्तन, तुम्हारे भीतर की स्थिरता
कृष्ण दुनिया के दो पहलुओं की बात करते हैं। शरीर बदलता है, आत्मा स्थिर है। इसके माध्यम से हम अपने जीवन की सच्चाई देख सकते हैं।
  • 🌱 शरीर का परिवर्तन — शरीर का परिवर्तन हमारे जीवन को बदलता है।
💭 तुम अपने जीवन के परिवर्तनों को कैसे महसूस करते हो?
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भगवद गीता की व्याख्याएँ AI द्वारा जनित हैं; उनमें त्रुटियाँ हो सकती हैं।