और, निश्चित रूप से, प्रकृति और आत्मा [प्रकृति को जानने वाला] अनादि हैं; और, उन दोनों के परिवर्तन और गुण भी प्रकृति द्वारा निर्मित होते हैं, इसे और जान लो।
भगवान श्री कृष्ण
🌿 आत्मा की स्थिति को समझें, प्रकृति के परिवर्तनों को स्वीकारें
प्रकृति और आत्मा अनादि हैं। प्रकृति के परिवर्तन तुम्हारे मन को प्रभावित कर सकते हैं।
- परिवर्तन — परिवर्तन तुम्हारी मन की शांति को परखेंगे।
💭 आप प्रकृति के परिवर्तनों को कैसे स्वीकार करते हैं?
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भगवद गीता की व्याख्याएँ AI द्वारा जनित हैं; उनमें त्रुटियाँ हो सकती हैं।