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श्लोक : 6 / 20

भगवान श्री कृष्ण
भगवान श्री कृष्ण
सभी कार्यों को छोड़कर, कुछ लोग बिना किसी ध्यान भंग के मेरे प्रति समर्पित होते हैं; अन्य कुछ लोग वास्तव में मुझे पूजा करने के लिए योग में स्थिर रहते हैं।
🧘 कृष्ण की मार्गदर्शिका: अपने मन को एकाग्र करो
कृष्ण भक्ति के महत्व को बताते हैं। मन को एकाग्र कर ध्यान करो, भक्ति में स्थिर रहना आवश्यक है।
  • 🧘 मन की एकाग्रता — मन एकाग्र न हो तो भटकता है।
💭 तुम्हारा मन कब चिंताओं से भटकता है?
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भगवद गीता की व्याख्याएँ AI द्वारा जनित हैं; उनमें त्रुटियाँ हो सकती हैं।