परांतप, मेरी दिव्य श्रेष्ठता की कोई सीमा नहीं है; मैंने तुमसे जो कुछ कहा है, वह मेरी विस्तृत श्रेष्ठता का केवल एक संक्षिप्त रूप है।
भगवान श्री कृष्ण
🌌 कृष्ण कहते हैं, तुम्हारे जीवन में असीम शक्ति कहाँ है?
कृष्ण अपनी दिव्य शक्ति की असीमितता का वर्णन करते हैं। तुम्हारे जीवन में भी असीम क्षमताएँ हैं। उन्हें पूरी तरह से समझने का प्रयास करो।
- दबाव — दबाव तुम्हारी क्षमता को छिपाता है।
💭 तुम्हारे जीवन में कौन सी क्षमताएँ अभी तक प्रकट नहीं हुई हैं?
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भगवद गीता की व्याख्याएँ AI द्वारा जनित हैं; उनमें त्रुटियाँ हो सकती हैं।