घोड़ों में, मैं उच्छैश्रवा हूँ; समुद्र के पार जाने वाले अमृत का मैं स्वयं हूँ; हाथियों में, मैं ऐरावत हूँ; मनुष्यों में, मैं राजा हूँ।
भगवान श्री कृष्ण
🌟 तुम्हारी जिंदगी में विशेषताएँ कहाँ छुपी हैं?
कृष्ण दिव्य विशेषताओं को प्रकट करते हैं। अपनी जिंदगी में विशेषताएँ पाने का प्रयास करो।
- श्रेष्ठ घोड़ा — उच्चैःश्रवा जैसी ऊँचाई तुम्हारे मन में है।
💭 तुम अपनी जिंदगी के किस क्षेत्र में विशेषता खोज रहे हो?
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भगवद गीता की व्याख्याएँ AI द्वारा जनित हैं; उनमें त्रुटियाँ हो सकती हैं।