इसलिए, तुम हमेशा मुझे अपने मन में रखो, तुम युद्ध में संलग्न रहो; अपने मन और बुद्धि को मुझे समर्पित करके, तुम निश्चित रूप से शक्तिशाली बनोगे, इसमें कोई संदेह नहीं है।
भगवान श्री कृष्ण
🧘 कृष्ण कहते हैं, तुम्हारा मन और बुद्धि कहाँ है?
कृष्ण अर्जुन से बात कर रहे हैं। मन और बुद्धि को एकीकृत स्थिति में रखना महत्वपूर्ण है।
- मन और बुद्धि — मन और बुद्धि एकीकृत स्थिति में होंगे।
💭 तुम्हारा मन कहाँ आश्रय लेता है?
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भगवद गीता की व्याख्याएँ AI द्वारा जनित हैं; उनमें त्रुटियाँ हो सकती हैं।