हे शक्तिशाली भगवान, क्या मन जो उपर्युक्त एक या दो में से बिखर गया है, बिना किसी स्थिति के बिखरे बादल की तरह नष्ट हो जाता है, और पूर्ण ब्रह्म की ओर जाने वाले मार्ग को सोचकर चकित रहता है?
अर्जुन
☁️ अर्जुन का विचलित मन, तुम्हारी ज़िंदगी में कहाँ?
अर्जुन विचलन के बारे में पूछते हैं। यह हमारे जीवन में भी हो सकता है। मन को स्थिर रखना आवश्यक है।
- विचलन — विचलन तुम्हारी यात्रा को भटका देता है।
💭 तुम्हारा मन कब विचलित होता है, इसे कैसे महसूस करते हो?
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भगवद गीता की व्याख्याएँ AI द्वारा जनित हैं; उनमें त्रुटियाँ हो सकती हैं।