गुरु वंश में श्रेष्ठतम, 'अमृत के अंशों का स्वाद लेना' जैसे त्याग का अनुभव करने वाला मनुष्य, नित्य ब्रह्म के निवास स्थान को प्राप्त करता है; लेकिन, किसी भी मनुष्य के लिए जो पूजा नहीं करता, इस दुनिया में या किसी अन्य दुनिया में कोई स्थान नहीं है।
भगवान श्री कृष्ण
🌿 कृष्ण द्वारा त्याग का महत्व, तुम्हारे भीतर कहाँ?
कृष्ण त्याग के महत्व को समझाते हैं। त्याग के बिना आनंद नहीं।
- त्याग की अग्नि — त्याग आनंद के द्वार खोलता है।
💭 तुम्हारे जीवन में त्याग कहाँ प्रकट होता है?
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भगवद गीता की व्याख्याएँ AI द्वारा जनित हैं; उनमें त्रुटियाँ हो सकती हैं।