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ज्कुंडली.ai

श्लोक : 23 / 42

भगवान श्री कृष्ण
भगवान श्री कृष्ण
भूमिकुरिया बंधनों से मुक्त होने के माध्यम से, और अपने मन को ज्ञान में संलग्न करने के माध्यम से, वह व्यक्ति कार्यों को पूरी तरह से समर्पण के साथ करने में पूरी तरह से संलग्न होता है।
🧘 कृष्ण द्वारा कही गई ज्ञान की शांति, तुम्हारे कार्यों में कहाँ?
कृष्ण द्वारा कही गई ये बातें तुम्हारे मन की शांति को प्रकट करती हैं। जब तुम कार्यों को समर्पण के साथ करते हो, तो तुम्हारा मन बंधनों से मुक्त होता है।
  • 🔗 बंधन — बंधन मन को उलझाते हैं।
💭 तुम्हारे कार्यों में समर्पण कैसे महसूस होता है?
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भगवद गीता की व्याख्याएँ AI द्वारा जनित हैं; उनमें त्रुटियाँ हो सकती हैं।