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श्लोक : 18 / 42

भगवान श्री कृष्ण
भगवान श्री कृष्ण
जो व्यक्ति निष्क्रियता में कार्य करता है और कार्य करते समय निष्क्रियता का ध्यान रखता है, वह सभी मनुष्यों में बुद्धिमान बनता है; वह उन कार्यों के रचनाकार के रूप में सभी कार्यों में संलग्न होता है।
🌀 कृष्ण द्वारा कही गई क्रिया की शांति, तुम्हारे भीतर कहाँ?
कृष्ण क्रिया की सच्चाई प्रकट करते हैं। यह वह क्षण है जब क्रिया के केंद्र में शांति की आवश्यकता होती है।
  • 🌿 क्रिया की शांति — क्रिया के केंद्र में शांति की आवश्यकता होती है।
💭 आप अपनी क्रियाओं में शांति कैसे महसूस करते हैं?
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भगवद गीता की व्याख्याएँ AI द्वारा जनित हैं; उनमें त्रुटियाँ हो सकती हैं।