कार्य पूर्णता नित्य ज्ञान से आता है; नित्य ज्ञान अविनाशी से आता है; उस दृष्टिकोण से, सर्वत्र फैला हुआ नित्य ज्ञान पूजा में नित्य रूप से स्थापित है।
भगवान श्री कृष्ण
🌟 कृष्ण कहते हैं, शाश्वत ज्ञान की अभिव्यक्ति हैं तुम्हारे कर्म
कृष्ण शाश्वत ज्ञान की सुंदरता प्रकट करते हैं। तुम्हारे कर्म उसकी अभिव्यक्ति बनें।
- शाश्वत ज्ञान — ज्ञान तुम्हारे कर्मों की नींव होगा।
💭 तुम्हारे कर्म तुम्हारे मन को कैसे प्रतिबिंबित करते हैं?
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भगवद गीता की व्याख्याएँ AI द्वारा जनित हैं; उनमें त्रुटियाँ हो सकती हैं।