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ज्कुंडली.ai

श्लोक : 30 / 72

भगवान श्री कृष्ण
भगवान श्री कृष्ण
भरत कुल का व्यक्ति, सभी के शरीर का स्वामी नित्य है; इस शरीर में जो आत्मा है, उसे मारना संभव नहीं है; इसलिए, सभी जीवों के लिए तुम्हारे पास विलाप करने का कोई कारण नहीं है।
🕊️ शरीर के परिवर्तन को स्वीकारें, आत्मा स्थिर है।
अर्जुन को कृष्ण आत्मा की स्थिरता समझाते हैं। शरीर बदलता है, पर आत्मा नष्ट नहीं होती। इसे समझकर, मन की शांति बनाए रख सकते हैं।
  • 🌊 भीतर की शांति — भीतर की शांति तुम्हारी सच्ची शक्ति है।
💭 तुम्हारी मन की शांति को क्या भंग करता है?
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भगवद गीता की व्याख्याएँ AI द्वारा जनित हैं; उनमें त्रुटियाँ हो सकती हैं।