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ज्कुंडली.ai

श्लोक : 28 / 72

भगवान श्री कृष्ण
भगवान श्री कृष्ण
भरत कुल के व्यक्ति, यहाँ जो कुछ भी बनाया गया है, वह प्रारंभ में प्रकट नहीं हुआ, केवल मध्य में प्रकट हुआ, और जब सब कुछ नष्ट हो जाएगा, तब वे फिर से विलीन हो जाएंगे; इसलिए, यह क्या विलाप है?
🌌 दुनिया के बदलाव में, तुम्हारी मन की शांति कहाँ?
कृष्ण अर्जुन को जीवन के स्वभाव को समझाते हैं। सब कुछ अस्थायी है, यह समझें। इससे मन की शांति मिल सकती है।
  • 🌿 अस्थायित्व की भावना — सब कुछ अस्थायी है, यह समझना मन की शांति में सहायक।
💭 तुम्हारी जिंदगी में कौन से बदलाव स्थायी लगते हैं?
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ज्योतिष मैपिंग + 4 व्याख्याएँ + गहन मार्गदर्शन।
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भगवद गीता की व्याख्याएँ AI द्वारा जनित हैं; उनमें त्रुटियाँ हो सकती हैं।