यह आत्मा आँखों से दिखाई नहीं देती, यह आत्मा सोचने पर भी समझ में नहीं आती, यह आत्मा अविनाशी है, ऐसा कहा गया है; इसलिए, इस आत्मा को भली-भांति जानने के कारण, तुम शोक करने के योग्य नहीं हो।
भगवान श्री कृष्ण
🔍 तुम्हारी आत्मा अपरिवर्तनीय है, तुम्हारा मन क्यों विचलित है?
अदृश्य आत्मा अपरिवर्तनीय है। इसे जानकर, तुम क्यों दुखी हो?
- अदृश्य — भीतर की शांति आँखों से नहीं देखी जा सकती।
💭 क्या तुमने अपने मन की शांति को महसूस किया है?
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भगवद गीता की व्याख्याएँ AI द्वारा जनित हैं; उनमें त्रुटियाँ हो सकती हैं।