हे परांतप, ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य और शूद्र, ये अपने कार्य की प्रकृति के अनुसार विभाजित होते हैं; ये सभी प्रकृति के उन तीन गुणों से उत्पन्न हुए हैं।
भगवान श्री कृष्ण
🌀 कृष्ण के शब्द: तुम्हारे गुण तुम्हारा मार्ग तय करते हैं
कृष्ण इस संदर्भ में कहते हैं कि समाज की श्रेणियाँ गुणों के आधार पर विभाजित होती हैं। तुम्हारे जीवन में तुम्हारे गुण तुम्हारे कार्यों को निर्देशित करते हैं।
- गुणों का प्रभाव — तुम्हारे गुण तुम्हारे निर्णयों का मार्गदर्शन करते हैं।
💭 तुम्हारे स्वाभाविक गुण तुम्हारे जीवन में कैसे प्रकट होते हैं?
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भगवद गीता की व्याख्याएँ AI द्वारा जनित हैं; उनमें त्रुटियाँ हो सकती हैं।